व्यवहार शुद्धि का मूल मंत्र है विनम्रता, केवल चरण स्पर्श नहीं: राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज
व्यवहार शुद्धि का मूल मंत्र है विनम्रता, केवल चरण स्पर्श नहीं: राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज राष्ट्रसंत मुनि श्री 108 प्रमाण सागर महाराज ने श्री सम्मेद शिखर में कहा कि विनम्रता केवल चरण स्पर्श नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के सम्मान, सहनशीलता और संस्कारित व्यवहार का नाम है। जानिए उनके प्रेरक जीवन […]
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