जो पिता की चरण वंदन करते हैं वह संपत्ति हीन नहीं होते हैं और जो माँ के चरण स्पर्श करते हैं, वो ममता हीन नहीं होते।अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज

जो पिता की चरण वंदन करते हैं वह संपत्ति हीन नहीं होते हैं और जो माँ के चरण स्पर्श करते हैं वो ममता हीन नहीं होते।अंतरमना प्रसन्न सागर महाराज कानपुर कानपुर में धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने कहा कि पिता की उपलब्धियों से लेकर आपकी पहचान तक […]

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