विनयवान होना ही सज्जनता का प्रतीक है प्रणम्य सागर महाराज

विनयवान होना ही सज्जनता का प्रतीक है प्रणम्य सागर महाराज जयपुर अर्हम योग प्रणेता मुनि श्री 108प्रणम्य सागर महाराज के श्री मुख से मानसरोवर के मीरा मार्ग स्थित आदिनाथ भवन में पार्श्वनाथ कथा का आयोजन हो रहा है।     मंगलवार की बेला में भगवान पार्श्वनाथ के जीवन का सजीव मंचन हुआ जिसे देखकर मौजूद […]

Read More