विचार-करुणा-आशा के प्रतीक – जगतपूज्य श्रीश ललितपुर की विशेष कलम
विचार-करुणा-आशा के प्रतीक – जगतपूज्य श्रीश ललितपुर की विशेष कलम भीड़ में मैं गुरुदेव के दर्शनों की आस लिए खड़ा था। तभी एक सज्जन मेरे पास आए और मुस्कुराते हुए बोले, “क्या आप ललितपुर से हैं?” मैंने हाँ में उत्तर दिया। इतना सुनते ही उनका चेहरा बदल गया। वे भावुक स्वर में बोले, “मैं आपसे […]
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