जिनालय,जिनवाणी, संस्कृति, मुनि धर्म संरक्षण आचार्य श्री शांति सागर जी की देन आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

जिनालय,जिनवाणी, संस्कृति, मुनि धर्म संरक्षण आचार्य श्री शांति सागर जी की देन आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज उदयपुर तीर्थंकर प्रभु की दिव्य ध्वनि को गौतम गणधर स्वामी ने झेल कर जिनवाणी के रूप में शास्त्रों में लिपिबद्ध किया। उनके बाद अनेक आचार्यों ने जिनवाणी जिनेंद्र प्रभु द्वारा प्रतिपादित उपदेश को अनेक शास्त्रों , ताम्रपत्र आदि […]

Read More

पुण्य से सब कार्य सिद्ध होते हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज

पुण्य से सब कार्य सिद्ध होते हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज उदयपुर पूज्य आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज संघ सहित बीस हुमड धर्मशाला में संघ सहित विराजित हैं। आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि संसार में प्रत्येक प्राणी को जैसे लौकिक परिजनों से प्रीति होती हैं ठीक वैसी […]

Read More