किसी भी प्राणी के शरीर के अंग नेत्र,आदि विच्छेद करने से वह जीव अगले जन्म में अंधा,लूला, लगड़ा विकलांग होता हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

किसी भी प्राणी के शरीर के अंग नेत्र,आदि विच्छेद करने से वह जीव अगले जन्म में अंधा,लूला, लगड़ा विकलांग होता हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी। पारसोला आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की परंपरा के पंचम पट्टाधीश वात्सल्य वारिधी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का पारसोला के लिए बिहार चल रहा है ।आचार्य श्री […]

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