दान के वो मायने खो देते हैं.. जो वक्त पर नहीं,, रो रोकर देते हैं..!  अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज 

दान के वे मायने खो देते हैं,जो वक्त पर नहीं, रो-रोकर दिए जाते हैं। अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज औरंगाबाद / जयपुर आज सुबह गायत्री नगर में उपस्थित गुरु-भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज ने कहा—एक महिला किसी वृद्ध बाबा के पास गई और बोली,“बाबा, कोई ऐसी ताबीज लिखकर दीजिए, जिससे […]

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