राग द्वेष मोह कारण कर्मों का आश्रव होकर दुख मिलता हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

राग द्वेष मोह कारण कर्मों का आश्रव होकर दुख मिलता हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी बिजौलिया भगवान पारसनाथ की उपसर्ग स्थली बिजौलिया अतिशय क्षेत्र में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सहित दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में विराजित है।धर्म सभा में आचार्य श्री वर्धमान सागर जी ने उपदेश में बताया कि भगवान आदिनाथ से लेकर […]

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