राग, क्रोध से भी बड़ा जहर है : निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज

राग, क्रोध से भी बड़ा जहर है : निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज सागर भाग्योदय तीर्थ परिसर में पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधा सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि क्रोध प्रायः चेतन पदार्थ से जागता है, मायाचारी व्यक्ति भी जीव को फंसाता है, मान भी अकड़ता है तो जीव के […]

Read More