रत्नत्रय धर्म से सिद्धालय की और गमन किया जाता हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

रत्नत्रय धर्म से सिद्धालय की और गमन किया जाता हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी सलूंबर आचार्य शिरोमणी पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज सलूंबर के जैन बोर्डिंग भवन में संघ सहित विराजित है आज की धर्म सभा में णमोकार मंत्र का महत्व ,लाभ प्रतिपादित कर बताया कि णमोकार मंत्र शक्तिशाली, बलशाली और […]

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