यदि”किसी धर्मी के द्वारा कोई गलती हो जाए तो उस गलती को सुधारने की कोशिश करो न कि उसका प्रचार प्रसार करो” प्रमाण सागर महाराज
,यदि”किसी धर्मी के द्वारा कोई गलती हो जाए तो उस गलती को सुधारने की कोशिश करो न कि उसका प्रचार प्रसार करो” प्रमाण सागर महाराज भोपाल “धर्म भले ही वैयतिक स्तर पर होता है,लेकिन वह “व्यवहार” में भी दिखना चाहिये”उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने “संस्कार उपवन” के प्राईड सभाग्रह में व्यक्त […]
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