मोह में फसी आत्मा को जगाने की आवश्यकता है स्वास्तिभूषण माताजी

मोह में फसी आत्मा को जगाने की आवश्यकता है स्वास्तिभूषण माताजी केशोरायपाटन परम पूजनीय गणिनी आर्यिका 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा की मनुष्य के कर्म नही, आत्मा बलवान होती है। कर्म में भक्ति, सत्संग, ध्यान, संत समागम को जोड़ दिया जाए तो वह अच्छे हो जाते हैं।     उन्होंने कहा कि जहर को भी […]

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