मेरे गुरुदेव निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर महाराज की सुंदरता आत्मा तक को श्रृंगारित कर देती हैं। श्रीश जैन ललितपुर की कलम से

मेरे गुरुदेव निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव सुधासागर महाराज की सुंदरता आत्मा तक को श्रृंगारित कर देती हैं। श्रीश जैन ललितपुर की कलम से ताज नगरी कही जाने वाली नगरी आगरा में मेरा जाना तब तब हुआ जब जब जगत पूज्य गुरुदेव के चरण आगरा में पड़े और यकीन मानिये में जितनी भी बार आगरा गया […]

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