अन्तर्मना उवाच* (08 जुलाई!)वक्त सबको मिलता है,* *वक्त सबका आता है..* *कोई का वक्त घन्टों, मिनटों में निकल जाता है,* *और कोई का वक्त मिनटों, घन्टों में निकलता है..!*

अन्तर्मना उवाच* (08 जुलाई!)वक्त सबको मिलता है,* *वक्त सबका आता है..* *कोई का वक्त घन्टों, मिनटों में निकल जाता है,* *और कोई का वक्त मिनटों, घन्टों में निकलता है..!* *वक्त सबका आता है..* *कोई का वक्त घन्टों, मिनटों में निकल जाता है,* *और कोई का वक्त मिनटों, घन्टों में निकलता है..!* आदमी की चाल दो […]

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