मित्रता भावुकता से नहीं भाव से करना चाहिए आदित्य सागर महाराज

मित्रता भावुकता से नहीं भाव से करना चाहिए आदित्य सागर महाराज कोटा रिद्धि सिद्धि नगर स्थित जैन मंदिर में चतुर्मासरत श्रुतसंवेगी मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि इस संसार में मित्रता केवल मिलनसार व्यक्ति की ही होती है। मित्रता भावुकता में नहीं भाव से करनी चाहिए। जिसके भाव […]

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