मानव को अपने स्वभाव में सदैव मृदुता रखनी चाहिए मृदुमति माताजी
मानव को अपने स्वभाव में सदैव मृदुता रखनी चाहिए मृदुमति माताजी हटा 10 लक्षण पर्व के द्वितीय दिवस उत्तममार्दवधर्म पर मंगल प्रवचन देते हुए आर्यिका 105 मृदुमति माताजी ने कहा की धर्म का दूसरा लक्षण है,उत्तममार्दव । मार्दव का अर्थ मृदुताऔर उत्तम का अर्थ श्रेष्ठ अर्थात जहां श्रेष्ठ है मृदुता वही मार्दव है। मार्दव […]
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