मनुष्य में यदि क्रोध व लोभ मौजूद है तो उसे किसी अन्य दोष की जरूरत ही नहीं है आदित्य सागर महाराज

मनुष्य में यदि क्रोध व लोभ मौजूद है तो उसे किसी अन्य दोष की जरूरत ही नहीं है आदित्य सागर महाराज कोटा रिद्धि सिद्धि नगर दिगंबर जैन मंदिर में श्रुतसंवेगी मुनि श्री 108 आदित्य सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में लोभी नहीं बनने की और उद्घोष किया।         महाराज श्री ने […]

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