भावों की शुद्धता आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है आर्यिका 105 पवित्र मति माताजी

भावों की शुद्धता आत्म कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है आर्यिका 105 पवित्र मति माताजी हाटपिपलियां धर्म परायण नगरी संतों की जन्मभूमि हाटपिपलिया में रविवार की बेला में पूज्य आर्यिका 105 पवित्र मति माताजी ने भावों की शुद्धता पर जोर दिया। पूज्य माताजी ने रविवार की बेला में कहा की पाप कर्म से जब हम […]

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