भावनायोग”तन को तो स्वस्थ करता ही है,यह मन को भी मस्त कर आत्मा को पवित्र बनाता है, प्रमाण सागर महाराज
भावनायोग”तन को तो स्वस्थ करता ही है,यह मन को भी मस्त कर आत्मा को पवित्र बनाता है, प्रमाण सागर महाराज इंदौर “जो मेरे भीतर शुद्ध परमात्मा है वह मैं हुं” जो इस “भावना” का शुद्ध भाव से ध्यान करता है,वह सम्यक्दर्शन ज्ञान चारित्र को प्राप्त कर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है” उपरोक्त उदगार मुनि […]
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