भावनायें हमारे अंदर ऊर्जा जगाती है,उस ऊर्जा के संचार से हमारी चेतना का परिष्कार होता है” -मुनि श्री प्रमाण सागर
“भावनायें हमारे अंदर ऊर्जा जगाती है,उस ऊर्जा के संचार से हमारी चेतना का परिष्कार होता है” -मुनि श्री प्रमाण सागर भोपाल (अवधपुरी) “ भावनायोग” आत्मा या आध्यात्मिकता के अमूर्त पहलुओं तक ही सीमित नहीं है, यह शरीर-मन-और मस्तिष्क इन तीनों स्तरों पर एक साथ समग्र रुप से कार्य करता है, उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर […]
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