जिनवाणी रूपी वृक्ष में श्रद्धा,भक्ति ,विश्वास के जल देने से धर्म रूपी फल की प्राप्ति होगी।आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज 

जिनवाणी रूपी वृक्ष में श्रद्धा,भक्ति ,विश्वास के जल देने से धर्म रूपी फल की प्राप्ति होगी।आचार्य श्री वर्धमानसागर जी महाराज  टोंक जीवन में आपदा और कष्ट किस प्रकार आते हैं? आपका युद्ध किनसे हो रहा है? दुख, कष्ट कैसे दूर हो? कितने प्राणियों का आप विराधना मृत्यु करते हैं? किन कार्यों से पुण्य मिलता है? […]

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देव शास्त्र और गुरुओं के प्रति श्रद्धा ,भक्ति,और विनय मोक्ष के द्वार की चाबी है ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

देव शास्त्र और गुरुओं के प्रति श्रद्धा ,भक्ति,और विनय मोक्ष के द्वार की चाबी है ।आचार्य श्री वर्धमान सागर जी धरियावद जिला प्रतापगढ़ धैर्य,धीरज का फल मीठा होता है।आप काफी वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे हैं,तीर्थंकरों की वाणी साक्षात में सुनने को नहीं मिलती है किंतु उनके द्वारा प्रतिपादित उपदेश जिनवाणी ओर गुरुओं के माध्यम […]

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