रत्तीभर काम नहीं, फिर भी क्षणभर की फुर्सत नहीं”- मुनि श्री प्रमाणसागर
“रत्तीभर काम नहीं, फिर भी क्षणभर की फुर्सत नहीं”- मुनि श्री प्रमाणसागर भोपाल( अवधपुरी)- एक ही छत के नीचे रह रहे है, लेकिन आत्मीयता,सदभाव और मानवीयता न जाने कहा खो गई है,इंटरनेट की इस अंधी दौड़ में हमारे आपसी रिश्ते न जाने कही पीछे छूटते चले जा रहे है” उपरोक्त उदगार भावनायोग प्रणेता मुनि श्री […]
Read More