पूज्य की भक्ति मनोभाव से पूजन करके पूज्य बन सकते है वर्तमान साधु परंपरा आचार्य श्री शांति सागर जी की देंन हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी।

पूज्य की भक्ति मनोभाव से पूजन करके पूज्य बन सकते है वर्तमान साधु परंपरा आचार्य श्री शांति सागर जी की देंन हैं आचार्य श्री वर्धमान सागर जी। धरियावद शास्त्रों में श्रावक के 6 प्रमुख कर्तव्य बताए गए हैं जिसमें दान और पूजा मुख्य कर्तव्य है ।पूजन दो प्रकार की होती है नित्य पूजा और नेमत्रिक […]

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