श्री जी के दर्शन ,अभिषेक ,पूजन स्वाध्याय विनय पूर्वक करना चाहिए विनय मोक्ष का द्वार है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
श्री जी के दर्शन ,अभिषेक ,पूजन स्वाध्याय विनय पूर्वक करना चाहिए विनय मोक्ष का द्वार है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी टोंक भगवान की जय जयकार आप करते हैं जय जयकार भगवान के गुणों की जाती है। जयकार करने का उद्देश्य यही होता है कि हम भी भगवान , आचार्य साधु परमेष्ठि के गुणों को प्राप्त करें। […]
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