पहले की शिक्षा सादगी पूर्ण थी पर संस्कारों की सम्पत्ति से सुसंपन्न थी.. अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज 

पहले की शिक्षा सादगी पूर्ण थी पर संस्कारों की सम्पत्ति से सुसंपन्न थी.. अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज   औरंगाबाद/जयपुर आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा की आज की आधुनिक शिक्षा में ना समझ न समझौता, ना विवेक न वाणी-व्यवहार। सिर्फ और सिर्फ बुद्धि का चातुर्य..!  उन्होंने कहा आज […]

Read More