पंचकल्याणक से परिणामो में निर्मलता विशुद्धता लाने का पुरुषार्थ करे आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

पंचकल्याणक से परिणामो में निर्मलता विशुद्धता लाने का पुरुषार्थ करे आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला।  पंचकल्याणक प्रतिष्ठा में पाषाण और धातु की प्रतिमा में जिनत्व की स्थापना की जावेगी जो क्रियाएं सौधर्म इंद्र तथा अन्य इंद्र द्वारा की जाती है वह धार्मिक क्रियाएं नाटकीयरूप में आप लोगों के माध्यम से की जावेगी सभी को […]

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