अन्तर्मना उवाच* (15 जून!)आज कल के रिश्ते, नौकरी जैसे हो गये..*बेहतर ओफर मिलते ही चैन्ज हो जाते हैं..!*

*अन्तर्मना उवाच* (15 जून!)आज कल के रिश्ते, नौकरी जैसे हो गये..*बेहतर ओफर मिलते ही चैन्ज हो जाते हैं..!* *आज कल के रिश्ते, नौकरी जैसे हो गये..* *बेहतर ओफर मिलते ही चैन्ज हो जाते हैं..!*       इसलिये रिश्तों और सम्बन्धों में ना आत्मीयता है, ना अपनापन है। सिर्फ और सिर्फ औपचारिकता है। *अब रिश्तों […]

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