धर्म पात्र महाव्रती को आहार ,ज्ञान, अभय और औषधि दान उत्तम श्रेष्ठ दान होता हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी
धर्म पात्र महाव्रती को आहार ,ज्ञान, अभय और औषधि दान उत्तम श्रेष्ठ दान होता हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी श्री ऋषभ देव केशरिया जी कर्मोदयाद्देव धनेन हीनः । कस्मात्प्रभोऽयं भवतीह जीवः ।।यह संसारी जीव किस कर्मके उदयसे व कैसे काम करनेसे धनहीन होता है?व्ययं सुपात्रे न धनस्य कृत्वा, हठाद्धनं यश्च परस्य हृत्वा । तुष्येत्परं वा […]
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