धन वैभव की प्रचुरता लोभ की पहचान नहीं,धन की आसक्ति लोभ की पहचान है”प्रमाण सागर महाराज
“धन वैभव की प्रचुरता लोभ की पहचान नहीं,धन की आसक्ति लोभ की पहचान है”प्रमाण सागर महाराज इंदौर संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागरजी महामुनिराज केपरम प्रभावक शिष्य मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन “उत्तम शौच धर्म” पर मोहता भवन रैसकोर्स रोड़ पर व्यक्त करते हुए कहा कि धन विपुलता या धन […]
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