दूसरों के भरोसे नहीं, स्वयं अपने भाग्य के भरोसे जीवन जीयें। प्रसन्न सागर महाराज

दूसरों के भरोसे नहीं, स्वयं अपने भाग्य के भरोसे जीवन जीयें। प्रसन्न सागर महाराज सोमेश्वर अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में कहा की सत युग पूरा विश्व मेरा परिवार है।त्रेता युग मेरा देश मेरा परिवार है।द्वापर युग मेरा परिवार ही मेरा परिवार है।कलयुग मैं ही मेरा परिवार है। महाराज […]

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