दक्षिण के दो महायात्री

दक्षिण के दो महायात्री इस बात में कोई संशय नहीं है कि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं त्याग तपस्या साधना की जीवंत प्रतिमूर्ति पूज्य मुनि श्री 108 चंद्रप्रभ सागर जी महाराज निश्चित रूप से महायात्री कहे जा सकते हैं।         क्योंकि यात्रा तो हम सब कर रहे हैं लेकिन संसार […]

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