एक न एक दिन तो यह शरीर को अपना साथ छोड़ना है यही भावना प्रत्येक व्यक्ति को हमेशा ध्यान रखना चाहिये,तभी उनका जीवन सार्थक होगा”निर्वेग सागर महाराज

एक न एक दिन तो यह शरीर को अपना साथ छोड़ना है यही भावना प्रत्येक व्यक्ति को हमेशा ध्यान रखना चाहिये,तभी उनका जीवन सार्थक होगा”निर्वेग सागर महाराज भोपाल “जंहा देह अपनी नहीं, तंहा न अपना कोय”एक न एक दिन तो यह शरीर को अपना साथ छोड़ना है यही भावना प्रत्येक व्यक्ति को हमेशा ध्यान रखना […]

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