जो दूसरे के दुखों को देखकर आसुँ बहा जाये तो वह धर्म यदि व्यक्ति को स्वयं के दुखो पर पीडा आ जाये तो वह जहर हैं सुधासागर महाराज

जो दूसरे के दुखों को देखकर आसुँ बहा जाये तो वह धर्म यदि व्यक्ति को स्वयं के दुखो पर पीडा आ जाये तो वह जहर हैं सुधासागर महाराज आगरा पूज्य निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन मे कहाजो दूसरे के दुखों को देखकर आसुँ बहा जाये तो वह धर्म है।यदि व्यक्ति को […]

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