जो अकड़ता है वह उखड़ता है,जो झुकता है वह टिकता है प्रमाण सागर महाराज
जो अकड़ता है वह उखड़ता है,जो झुकता है वह टिकता है प्रमाण सागर महाराज भोपाल जो अकड़ता है वह उखड़ता है,जो झुकता है वह टिकता है उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने दशलक्षण पर्व के दूसरे दिवस उत्तम मार्दव धर्म के संद्रभ में विद्याप्रमाण गुरुकुलम में प्रातःकालीन धर्म सभा में व्यक्त किये”* […]
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