जब तक अंतरंग की शुद्ध नहीं होगी तब तक शरीर की शुद्धि काम नहीं कर सकती पूर्णमति माताजी
जब तक अंतरंग की शुद्ध नहीं होगी तब तक शरीर की शुद्धि काम नहीं कर सकती पूर्णमति माताजी ग्वालियर परमपूजनीय आर्यिका 105 पूर्णमति माताजी ने मंगल प्रवचन देते हुए कहा कि अनादि काल से आत्मा के साथ लगे हुए क्रोध, मान, माया, लोभ तथा इंद्रिय जन्य दुष्ट वासनाओं को बढ़ाने वाले विषय भोग रूपी विष […]
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