चित्त शांत प्रसन्न करने के लिए तथा चित्त को प्रसाद देने के लिए मैत्री करुणा प्रमोद भाव रखना चाहिए कनक नदी गुरुदेव

चित्त शांत प्रसन्न करने के लिए तथा चित्त को प्रसाद देने के लिए मैत्री करुणा प्रमोद भाव रखना चाहिए कनक नदी गुरुदेव सागवाड़ा जिनवाणी नंदन वैज्ञानिक धर्माचार्य कनक एलनंदी गुरुदेव ने योगेंद्र गिरी सागवाड़ा से अंतरराष्ट्रीय वेबीनार में बताया कि चित्त को शांत प्रसन्न करने के लिए तथा चित्त को प्रसाद देने के लिए मैत्री […]

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