चिंता एवं चाहत को छोड़कर की गई साधना ही सुखदायक होती है ऐलक श्री विवेकानंद सागर महाराज

चिंता एवं चाहत को छोड़कर की गई साधना ही सुखदायक होती है ऐलक श्री विवेकानंद सागर महाराज नरयावली पूज्य मुनिश्री 108अजित सागर महाराज संघ सहित नरयावली में विराजमान है।   वही अपने मंगल प्रवचन में ऐलक विवेकानंद सागर महाराज ने साधना करने पर जोर दिया और साधना का महत्व बताया उन्होंने कहा कि जीवन में […]

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