गुरु भक्ति विनय ,विवेक से करने से वैभव, बुद्धि,यश, संपत्ति और मुक्ति मिलती है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज
गुरु भक्ति विनय ,विवेक से करने से वैभव, बुद्धि,यश, संपत्ति और मुक्ति मिलती है आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज उदयपुर भगवान के सामने इंद्र भूति ,वायु भूति ,आदि तीन भाइयों ने पंद्रह सौ शिष्यों के साथ भगवान के समक्ष मस्तक झुकाकर दीक्षा धारण की ।और उन्हें मनह पर्यय ज्ञान की प्राप्ति हुई ।शिष्य का गुरु […]
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