गुरु तो मन में विराजमान है और सदा रहेंगे विराटसागर महाराज
गुरु तो मन में विराजमान है और सदा रहेंगे विराटसागर महाराज कुंडलपुर मंगलवार की अनुपम बेला में सिद्ध क्षेत्र कुंडलपुर में पूज्य मुनि श्री 108 विराटसागर महाराज ने धर्म सभा में कहा कि संपूर्ण प्रकृति का यदि कोई मूल तत्व है, जिससे संपूर्ण प्रकृति संचालित होती है तो वह तत्व प्रेम है, वात्सल्य है। […]
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