Man sitting cross‑legged on a green mat on a low table, raising his hands in a gesture, as two visitors present a stack of books in a room lined with bookshelves and boxes on top; window with blue curtain and an wall-mounted air conditioner visible.

गुरुभक्ति व निःस्वार्थ सेवा की पराकाष्ठा को नमन अजैन ब्राह्मण परिवार की जिसने भक्ति का ऐसा प्रतिमान खड़ा किया जो सदियों तक याद किया जाएगा 

गुरुभक्ति व निःस्वार्थ सेवा की पराकाष्ठा को नमन अजैन ब्राह्मण परिवार की जिसने भक्ति का ऐसा प्रतिमान खड़ा किया जो सदियों तक याद किया जाएगा  भिलुड़ा नमन कीजिए गुरु-भक्ति की उस पराकाष्ठा को, जिसने 21वीं सदी के इतिहास में नि:स्वार्थ सेवा का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। यह कहानी है दिगंबर जैन श्रमण […]

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