गजरथ फेरी के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का हुआ समापन जो रागद्वेष की प्रवृत्ति को छोड़ देता है उसे ही मोक्ष प्राप्त होता है मुनिश्री अजितसागर महाराज
गजरथ फेरी के साथ पंचकल्याणक महोत्सव का हुआ समापन जो रागद्वेष की प्रवृत्ति को छोड़ देता है उसे ही मोक्ष प्राप्त होता है मुनिश्री अजितसागर महाराज सागर परम पूज्य प्रशममूर्ति,मुनिश्री 108 अजितसागर जी महाराज, ससंघ 07 पिच्छी पावन पुनीत मंगल सानिध्य में एवं प्रतिष्ठाचार्य ब्र.विनय भैया बण्डा के विशेष निर्देशन मे श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन […]
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