तलाश बाहर की थी, खजाना भीतर था– आचार्य श्री सुनीलसागरजी* 

*तलाश बाहर की थी, खजाना भीतर था– आचार्य श्री सुनीलसागरजी*    नेमी नगर जैन कॉलोनी,इंदौर। गुरुदेव ने कहा दक्षिण अफ्रीका की एक प्रेरक कहानी, जो इंसान को खुद से मिलने का संदेश देती है। कहा जाता है कि दूरियाँ केवल किलोमीटर में नहीं नापी जातीं…कभी-कभी खुद से मिलने में भी पूरी उम्र गुजर जाती है। […]

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