किसी की आस्था को ठगना अपनी आस्था को ठगना है आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज

किसी की आस्था को ठगना अपनी आस्था को ठगना है आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज  रामगंजमंडी  परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने उपगुहन अंग पर प्रकाश डाला उन्होंने इसका अर्थ बताया ढकना भावार्थ रूप में समझाते हुए कहा कि किसी अज्ञानता के कारण किसी धर्मात्मा का अवगुण आपकी दृष्टि में आ जाए […]

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