जिनमें आत्मा धर्म से जुड़ती है नैतिकता से जुड़ती है, कर्तव्यों से जुड़ती है, समीचीन क्रियाओ से जुड़ती है वह पर्व कहलाता है। आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज
जिनमें आत्मा धर्म से जुड़ती है नैतिकता से जुड़ती है, कर्तव्यों से जुड़ती है, समीचीन क्रियाओ से जुड़ती है वह पर्व कहलाता है। आचार्य श्री विनिश्चय सागर महाराज रामगंजमंडी परम पूज्य आचार्य श्री 108 विनिश्चय सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए पर्व का महत्व बताया उन्होंने कहा हमे मन की सफाई करना चाहिए। मन में […]
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