अन्तर्मना उवाच बसन्त आता है तो प्रकृति मुस्कुराती है, और*सन्त आता है तो संस्कृति मुस्कुराती है..!*

*अन्तर्मना उवाच बसन्त आता है तो प्रकृति मुस्कुराती है, और*सन्त आता है तो संस्कृति मुस्कुराती है..!* बसंत ऋतु को प्रकृति का त्योहार माना है। वसन्त को ऋतुराज माना है, यानि ऋतुओं का राजा। जो बसंत का एहसास करते हैं, उन्हें पता है कि ऋतुओं की भीड़ में बसंत को ही राजा माना गया है।   […]

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