इच्छाओं का निरोध तप है सभी कार्य विनयपूर्वक श्रद्धा भक्ति से करेआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

इच्छाओं का निरोध तप है सभी कार्य विनयपूर्वक श्रद्धा भक्ति से करेआचार्य श्री वर्धमान सागर जी पारसोला     पंचम पट्टाघीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज 56 वे वर्षायोग हेतु पारसोला में विराजित है। आचार्य श्री संघ सानिध्य में मन्दिरों में धार्मिक अनुष्ठान हो रहे हैं। तपस्वी भी अपनी शक्ति अनुसार व्रत उपवास कर रहे हैं […]

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