आत्मा पर लगे संसार,जन्म मरण, राग द्वेष ,कर्म आदि रोगों को रत्नत्रय धर्म धारण कर निरोगी बनाया जाता हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी।       

आत्मा पर लगे संसार,जन्म मरण, राग द्वेष ,कर्म आदि रोगों को रत्नत्रय धर्म धारण कर निरोगी बनाया जाता हैंआचार्य श्री वर्धमान सागर जी।                                                                 धारियावद […]

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