धर्म नहीं, आत्मा की भाषा है संगीत; ईश्वर तक पहुँचने का सशक्त माध्यम बन सकता है: अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज
धर्म नहीं, आत्मा की भाषा है संगीत; ईश्वर तक पहुँचने का सशक्त माध्यम बन सकता है: अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज पुष्पगिरी। “गीत-संगीत का धर्म या मजहब से कोई संबंध नहीं है, लेकिन संगीत इंसान को ईश्वर से जोड़ने का कारण अवश्य बन सकता है।” यह प्रेरक उद्बोधन अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागरजी […]
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