आत्मचिंतन, संयम और साधना से ही होती है आत्मानुभूति की प्राप्ति : मुनि श्री निर्णयसागर महाराज
आत्मचिंतन, संयम और साधना से ही होती है आत्मानुभूति की प्राप्ति : मुनि श्री निर्णयसागर महाराज ‘विदिशा। श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (स्टेशन जैन मंदिर), माधवगंज में आयोजित धर्मसभा में पाठशाला प्रणेता मुनि श्री 108 निर्णयसागर महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य अपने शुद्ध आत्मस्वरूप की पहचान करना है। जब तक […]
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