आत्महत्या का सोचना और करना बहुत पाप है इससे अल्प आयु कर्म का बंध होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी।
आत्महत्या का सोचना और करना बहुत पाप है इससे अल्प आयु कर्म का बंध होता है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी। टोंक दशलक्षण पर्व में 10 दिनों तक धर्म की आराधना ,धर्म की पाठशाला अध्यात्म महापर्व में आपने क्या सीखा है? उत्तम क्षमा, मार्दव आर्जव, शौचधर्म से क्रोध, […]
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